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राष्ट्रीय रेल विकास योजना

भारत सरकार ने स्वर्णिम चतर्भुज और इसकी भुजाओं के साथ बन्दरगाहों को जोड़ने के लिए सामरिक रेल संपर्क स्थापित करने, देश के पश्य क्षेत्रों में संचार व्यवस्था में सुधार लाने के लिए बड़े-बड़े पुलों के निर्माण करने और बहु-आयामी परिवहन गलियारों को तैयार करके रेल सेक्टर की क्षमता गत्यावरोध को दूर करने हेतु एक विशाल निवेश योजना बनायी है। इसे राष्ट्रीय रेल विकास योजना का नाम दिया गया है। माननीय प्रधानमंत्री ने वर्ष 2002 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण में योजना की घोषणा की थी और औपचारिक शुरूआत 26.12.2002 को की गई थी। राष्ट्रीय रेल विकास योजना में निम्नलिखित निवेश अवयव शामिल हैं :-

  1. दिल्ली, मुंबई चेन्नै और कोलकात्ता जैसे 4 महानगरों को जोड़ने वाली स्वर्णिम चतुर्भुज और इसकी भुजाओं का सुदृढ़ीकरण।
  2. कंटेनरों के संचलन के लिए मल्टी-मॉडल गलियारों सहित रेल आधारित पत्तन संपर्क मार्ग स्थापित करना और देश के पश्य क्षेत्रों में गलियारों का विकास करना।
  3. पटना और मुंगेर में गंगा नदी, बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी और निर्मली में कोशी नदी पर 4 बड़े पुलों का निर्माण।