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कारपोरेट उद्देश्य

रेविनिलि द्वारा परियोजनाओं को तीव्र गति से पूरा करने में मदद करने के लिए भारत सरकार ने रेविनिलि परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान करने के लिए तीव्रगामी पद्धति विकसित करने पर जोर दिया है। इस पद्धति की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं-

  1. स्वर्णिम चतुर्भुज, पत्तन और पश्य क्षेत्र संपर्क मार्ग के सुढृढीकरण और अन्य संभावित रेल परियोजनाओं से संबंधित परियोजना विकास का सफल क्रियान्वयन किया जाना।
  2. परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय एवं मानव संसाधन/जनशक्ति की व्यवस्था करना।
  3. परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करना।
  4. किफायती संगठनात्मक ढ़ाचे का स्वरूप बनाए रखना।
  5. रेविनिलि द्वारा पूरी की जाने वाली रेल से संबंधित परियोजनाओं में सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा देना।
  6. देश में लगातार विकास और रेल से संबंधित परियोजनाओं में पर्यावरण अनुकूल निर्माण के लिए एक अवसंरचना परियोजना प्रबंधन कंपनी के रूप में प्रतिबद्ध होना।
  7. संविदागत अधिकारों और कर्तव्यों सहित रेल अवसंरचनात्मक परिसंपत्तियों का अधिग्रहण, प्रापण, लाइसेंस, छूट अथवा सुपुर्द किया जाना।
  8. रेविनिलि परियोजना की बैंकग्राह्यता का परीक्षण करती है और उसे सुनिश्चित करती है।
  9. परियोजना की स्वीकृति के लिए एक ज्ञापन, जिसमें रेविनिलि मंडल द्वारा अनुमोदित सभी प्रकार के देय परिश्रमिता प्रमाण-पत्र का विस्तृत ब्यौरा होता है, को रेलवे बोर्ड भेजा जाता है।
  10. रेलवे बोर्ड प्रस्ताव पर विचार करता है और इसकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव को रेल मंत्री के अनुमोदनार्थ भेजा जाता है।
  11. इसके पश्चात् प्रस्ताव परामर्श और स्वीकृति हेतु वित्त मंत्रालय भेजा जाता है।
  12. वित्त मंत्रालय के अनुमोदन के पश्चात् परियोजना को स्वीकृत मान लिया जाता है।