​​​​​​​​रेल विकास निगम लिमिटेड (रेविनिलि) के बारे में

कंपनी परिचय : -

1.1 रेविनिलि की स्‍थापना

भारतीय रेलों पर अवसंरचना की कमी को दूर करने के उद्देश्य से भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्री अटल विहारी वाजपेयी द्वारा 15 अगस्त, 2002 को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में नेशनल रेल विकास योजना(एनआरवीवाई) के गठन की घोषणा की गई थी। एनआरवीवाई को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा औपचारिक रूप से 26 दिसंबर, 2002 को प्रारंभ किया गया था। रेविनिलि का गठन दिनांक 24.01.2003 को रेल मंत्रालय की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाले पीएसयू के रूप में किया गया था जिसका मुख्यतः दो उद्देश्य अर्थात गैर-बजटीय संसाधनों की व्यवस्था करना और रेलों की अवसंरचना का सृजन और क्षमता में तीव्र गति से वृद्धि करना था। रेविनिलि ने मार्च, 2005 से पूर्ण रूप से काम करना प्रारंभ कर दिया था।

रेविनिलि, रेल मंत्रालय की एक विस्तारित शाखा के रूप में उनके लिए और उनकी ओर से कार्य कर रहा है। इसे परियोजना विकास, संसाधनों की व्यवस्था करने इत्यादि के लिए एक वृहद एसपीवी के रूप में कार्य करने की शक्ति प्रदान की गई है। यह संसाधनों की व्यवस्था सीधे अथवा परियोजना विशेष एसपीवी का गठन करके अथवा किसी अन्य उपयुक्त वित्तीय संरचना के माध्यम से कर सकता है। रेविनिलि के अधिदेशों में, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, एशियाई विकास बैंक जैसी बहुपक्षीय एजेंसियों, द्विपक्षीय एजेंसियों से ऋण और इक्विटी के रूप में अतिरिक्त बजटीय संसाधनों की व्यवस्था करना शामिल है। इसमें बंदरगाह और आंतरिक क्षेत्र में रेल मार्ग जैसे परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पीपीपी स्वरूप में परियोजना विशेष एसपीवी का गठन जैसे कार्य भी सम्मिलित है। रेविनिलि रेल अवसंरचना के तेजी से सृजन और विस्तार के लिए आवश्यक व्यापार/व्यवसाय करने के लिए स्वतंत्र है।

अगस्त, 2004 में, रेल मंत्रालय द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था करने का कार्य भारतीय रेल वित्त निगम लिमिटेड को सौपा जाएगा। तदनुसार, रेविनिलि द्वारा परियोजनाओं के लिए ईबीआर जुटाने का फोकस परियोजना विशिष्‍ट एसपीवी के गठन पर किया गया, जिस पर नीचे पैरा 2 में चर्चा की गई है।

रेविनिलि को दिनांक 19.09.2013 को मिनी रत्न-I का दर्जा दिया गया।

कंपनी की चुकता शेयर पूँजी 2085 करोड़ रूपये है।

1.2 व्यवसाय मॉडल: -

रेविनिलि रेलवे से संबंधित परियोजनाओं के नियोजन, विकास, संसाधनों की व्यवस्था इत्यादि जैसे कार्य तीव्र गति से कर रहा हैः

  • रेल मंत्रालय द्वारा सौपी गई परियोजनाओं का कार्यान्‍वयन रेविनिलि द्वारा किया जाएगा।
  • अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सीपीएसई की परियोजनाओं भी इसे सौंपी जाती हैं।
  • तदनुसार परियोजनाओं के क्रियान्वयन को सुगम बनाने के लिए रेविनिलि को शक्ति प्रदान की गई हैं।
  • रेविनिलि का अधिकांश व्यय रेल मंत्रालय द्वारा बजट में आवंटित धनराशि पर निर्भर है।
  • परियोजनाओं का वित्‍तपोषण ईबीआर(आईएफ), भारेविनि, रेल मंत्रालय के माध्यम से एडीबी ऋण इत्यादि से की जाती है।

रेविनिलि के राजस्व के निम्नलिखित स्रोत हैं:

  • एक समेकित प्रबंधन शुल्क (पर्यवेक्षण प्रभार सम्मिलित है), जो क्षेत्रीय रेलों को अनुमेय औसत पर्यवेक्षण प्रभार पर आधारित है (8.5%)।
  • रेविनिलि द्वारा रेल मंत्रालय को लाभांश का भुगतान समेकित प्रबंधन शुल्क की बचत में से किया जाता है। 2017-18 के लिए 167.0 करोड़ रूपये के लाभांश और उस पर 34.0 करोड़ रुपये के कर का भुगतान किया गया, जो परियोजना क्रियान्वयन लागत का 2.88% है। अतः, रेविनिलि का प्रभावी प्रबंधन शुल्क केवल 5.62% था।

1.3 मार्च, 2018 तक पूर्ण परियोजनाओं की लंबाई: -

 

क्र. सं. योजना शीर्ष पूर्ण
1.नई लाइन230.82 किमी
2.आमान परिवर्तन 1676.30 किमी
3.दोहरीकरण2668.52 किमी
4.रेल विद्युतीकरण3262.07 किमी
5.एमटीपी 42 किमी

जोड़

7879.71 किमी
6.
दोहरीकरण/आप/नला के भाग के रूप में रेवि1729.87 किमी
7.कारखाना परियोजनाएं6
8.तार वाले पुल1

1.4 वास्तविक परदर्शन (पिछले पांच वर्षों के दौरान): -

वर्षनई लाइनदोहरीकरण

आमान

परिवर्तन

रेल विद्युतीकरणएमटीपीजोड़

अन्य परियोजनाओं के भाग के रूप में

रेवि

2013-14026202040466219
2014-15025902170476155
2015-161735303280698230
2016-17035603580684200
2017-1817315.286.242542885.4153.87

 

1.5 वित्तीय परदर्शन (पिछले 5 वर्षों के दौरान): -

वर्ष

टर्नओवर

(रू. करोड़ में)

टर्नओवर में वृद्धि का %

कर पश्चात लाभ

(रू. करोड़ में)

अदा किया गया लाभांश (रू. करोड़ में)
2013-14249317.7615731.5
2014-15314226.0321537.2
2015-16454144.53304115.1
2016-17592030.37385142
2017-18 (अनंतिम)755527.62445167

 

पूरे देश में फैली 28 परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों (पीआईयू) के माध्यम से संपूर्ण गतिविधियों को कार्यान्वित किया जाता है। रेविनिलि पीपीपी मॉडल के जरिये पहले ही 6 एसपीवी की स्थापना कर चुका है और रेवास पोर्ट के लिए रेल कनेक्टिविटी के लिए एक और एसपीवी बनाने की प्रक्रिया में है। इन पोर्ट (इंडिया पोर्ट रेल कंपनी लिमिटेड) में रेल संबंधित परियोजनाओं और गतिविधियों को शुरू करने के लिए रेविनिलि जहाजरानी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 12 प्रमुख बंदरगाहों के साथ एक एसपीवी में 10% का इक्विटी पार्टनर है।

रेविनिलि के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एचएसआरसी) को जुलाई 2012 में स्था्पित किया गया था। इसे स्‍वर्णिम चतुर्भज, इसके विकर्णों और दिल्ली-अमृतसर मार्ग के हाई स्‍पीड रेल गलियारों का व्यवहार्यता अध्ययन करने का काम सौंपा गया है।

रेविनिलि भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन एक सफल मिनी रत्न CPSE है।